सरकार घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी की शत प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है और देश में किसी भी एलपीजी वितरक के यहां एलपीजी की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने नई दिल्ली में अंतरमंत्रालयी ब्रीफिंग में कहा कि देश भर में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की हेराफेरी को रोकने के लिए ओटीपी आधारित घरेलू एलपीजी वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। संयुक्त सचिव ने कहा कि एलपीजी की वाणिज्यिक आपूर्ति 70 प्रतिशत तक बहाल कर दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान को रोकने के लिए सरकार ने उपाय किए हैं। पिछले महीने की 14 तारीख से अब तक 1 लाख 82 हजार टन से अधिक एलपीजी की वाणिज्यिक बिक्री दर्ज की गई है।
भारी उद्योग मंत्रालय के अपर सचिव डॉ. हनीफ कुरैशी ने बताया कि सरकार ने पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स पर सब्सिडी को दो साल बढ़ाकर मार्च 2028 तक कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर सब्सिडी की अवधि भी तीन महीने बढ़ाकर इस साल जुलाई तक कर दी गई है। पश्चिम एशिया संकट के कारण आपूर्ति श्रृंखला संबंधी समस्याओं को देखते हुए, ट्रकों और बसों के लिए चरणबद्ध विनिर्माण कार्यक्रम के दिशानिर्देशों में छह महीने की छूट दी गई है और अब ये दिशानिर्देश 1 सितंबर 2026 तक लागू रहेंगे।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में अपर सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। उन्होंने बताय कि पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना नहीं हुई है। श्री मुकेश मंगल ने बताया कि 24 नाविकों को लेकर 20 हजार 400 मीट्रिक टन एलपीजी ले जा रहा भारतीय ध्वज वाला जहाज जग विक्रम कल कांडला बंदरगाह पहुंचने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय में खाड़ी मामलों के अपर सचिव असीम आर महाजन ने कहा कि सरकार खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र के घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रही है और इस क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास इस क्षेत्र में जहाजों पर मौजूद भारतीय चालक दल के सदस्यों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं, जिसमें स्थानीय अधिकारियों और एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करना, कांसुलर सहायता प्रदान करना और भारत वापसी के अनुरोधों को सुविधाजनक बनाना शामिल है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत पश्चिम-एशिया संघर्ष के बीच खाड़ी देशों में अपनी पहुंच मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने हाल में संयुक्त अरब अमारात का दौरा किया। उन्होंने वहां के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान से मुलाकात की और उन्हें अपने देश में भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए धन्यवाद दिया।