राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि समाज कल्याण और राष्ट्रीय विकास में योगदान करना हर देशवासी की जिम्मेदारी है। आज हरियाणा के कुरूक्षेत्र में, गुरुकुल के स्वामी श्रद्धानंद की पुण्यतिथि के शताब्दी समारोह में उन्होंने कहा कि देशवासियों को व्यक्तिगत हित से ऊपर उठकर सामाजिक हित में काम करने की जरूरत है। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित बनने की ओर अग्रसर है जिसके लिए आधुनिक ज्ञान, विज्ञान, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता की जरूरत है। लेकिन, देशवासियों को अपनी समृद्ध संस्कृतिक धरोहर के प्रति भी गर्व का भाव होना चाहिए।
राष्ट्रपति ने लोगों से सत्य और नैतिकता की राह पर चलने और तमाम चुनौतियों के बावजूद सिद्धांतों तथा मूल्यों के प्रति समर्पित रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि दृढ संकल्प, निरंतर कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के बूते किसी भी कठिन लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। राष्ट्रपति मुर्मु ने खासकर युवाओं से अपील की कि वे हर काम सर्मपण, ईमानदारी और निष्ठा पूर्वक करें, क्योंकि कोई भी काम बेकार नहीं होता।
राष्ट्रपति ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद ने वेदों के प्रसार, महिला शिक्षा, सामाजिक सौहार्द और समाज उत्थान के प्रति अपना जीवन समर्पित कर दिया और उनका व्यक्तित्व तथा आत्मबलिदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।