चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज उत्तर कोरिया की यात्रा करेंगे। यह उनकी सात वर्षों में पहली उत्तर कोरिया की यात्रा होगी। इस यात्रा से चीन का उत्तर कोरिया पर प्रभाव बढ़ेगा और चीन उत्तर कोरिया को आर्थिक व राजनीतिक लाभ देगा। शी जिनपिंग अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान उत्तर कोरिया के नेता शी किम जोंग उन से मुलाकात करेंगे।
अभी तक विशिष्ट एजेंडा का उल्लेख नहीं किया गया है। विदेशी विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बैठक का द्विपक्षीय संबंधों पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। दरअसल, दोनों देश अमरीका के साथ अलग-अलग टकरावों के मद्देनजर अपने पारंपरिक गठबंधन को पूरी तरह से बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं।
चीन लंबे समय से उत्तर कोरिया का आर्थिक व मुख्य राजनयिक समर्थक रहा है। ऐसा माना जाता है कि चीन ने उत्तर कोरिया पर संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रतिबंधों को पूरी तरह से लागू करने से परहेज किया है और गरीब पड़ोसी को गुप्त आर्थिक गुप्त सहायता भेजी है। इस वर्ष दोनों देशों के पारस्परिक रक्षा संधि पर हस्ताक्षर करने के 65 वर्ष पूरे हो रहे हैं।