दिल्ली सरकार ने प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए इस वर्ष जनवरी से जुलाई के बीच 2,000 से अधिक औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि निरीक्षण के दौरान 106 इकाइयां पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करती पाई गईं, वहीं, 78 इकाइयां दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति से वैध संचालन की सहमति के बिना संचालित होती हुई मिली। साथ ही 44 मामलों में पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया, जबकि 33 इकाइयों को बंद करने का आदेश जारी किए गए।
श्रीमती गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ हवा देना उनकी सरकार की प्राथमिकता है और प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के खिलाफ किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि प्रदूषण के स्रोत पर भी प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है। वहीं, सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश के माध्यम से मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण स्थलों पर धूल प्रदूषण और नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए इस बार 500 वर्ग मीटर से बड़े सभी निर्माण स्थलों की डस्ट पोर्टल और एआई-सक्षम कैमरों से निगरानी की जाएगी। दिल्ली सरकार औद्योगिक प्रदूषण के साथ सड़क की धूल, वाहनों, निर्माण गतिविधियों और कचरा जलाने पर भी निगरानी बढ़ा रही है।