त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर राज्य के बुनकरों और कारीगरों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि बुनकरों के समर्पण, रचनात्मकता और असाधारण शिल्प कौशल ने भारत की समृद्ध हथकरघा विरासत को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने त्रिपुरा के जीवंत हथकरघा उद्योग को राज्य की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और उत्कृष्ट कलात्मकता का गौरवपूर्ण प्रतिबिंब बताया।
डॉ. साहा ने लोगों से स्थानीय बुनकरों का समर्थन करने और उन्हें सशक्त बनाने तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल के तहत स्वदेशी हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा देने का आग्रह किया।