अगस्त 26, 2026 9:11 अपराह्न

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बिहार और उत्तर प्रदेश ने नेपाल में बाढ़ के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए तैयारियां तेज की

नेपाल में मूसलाधार बारिश और ग्‍लेशियर फटने से बिहार में आई अचानक बाढ़ और गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। गंडक नदी से लगे छह जिलों-पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष निगरानी रखी जा रही है। सीतामढ़ी, शिवहर और अन्य जिलों के जिलाधिकारियों को भी स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
 
पश्चिमी चंपारण के बगहा और वैशाली के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। गंडक नदी में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल- एनडीआरएफ की एक टीम गोपालगंज और बेतिया में तैनात की गई है। साथ ही, एक अन्य टीम को मुजफ्फरपुर में तैयार रखा गया है।
 
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि स्थिति पर करीबी नजर रखने के लिए उच्चस्तरीय टीम गठित की गई है। पटना में आज बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की गई। संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को चौबीसों घंटे निगरानी रखने तथा बचाव और राहत व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
 
वहीं उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों महाराजगंज और कुशीनगर में सतर्कता बढ़ा दी गई है। अचानक आई बाढ़ के कारण दोनों जिलों में गंडक और नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ से हुई तबाही पर चिंता व्यक्त करते हुए महाराजगंज और कुशीनगर के स्थानीय प्रशासन को सभी जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को नदियों के जलस्तर पर कड़ी नजर रखने और निरंतर सतर्कता बरतने का भी निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों की सुरक्षा और कुशलता के लिए भगवान पशुपतिनाथ से प्रार्थना भी की।

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