गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में आज नई दिल्ली में बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
गृह मंत्री ने कहा कि इस समझौते से पूर्वी भारत में लंबे समय से चल रहे जल विवाद का समाधान हो गया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से बिहार और झारखंड के बड़े ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों किसानों को सिंचाई के लिए और लोगों को पीने का पानी उपलब्ध होगा।
श्री शाह ने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समर्थित ‘टीम भारत’ की परिकल्पना और सहकारी संघवाद का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह इस वर्ष राज्यों के बीच हुआ चौथा जल समझौता है। इससे सिंचाई, ग्रामीण विकास और पीने के पानी की उपलब्धता में वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के विशाल भौगोलिक क्षेत्रों, किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों और पेयजल आपूर्ति से संबंधित मुद्दों का आज स्थायी रूप से समाधान हो गया है।
श्री शाह ने कहा कि इससे बिहार के भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, अरवल, गया और पटना को पीने और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इसके अलावा, झारखंड के पलामू, गढ़वा और अन्य क्षेत्रों में भी सिंचाई और पीने के लिए पानी उपलब्ध होगा। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त किया।