दिल्ली की एक अदालत ने आज नीट-यूजी पेपर लीक मामले में आरोपी मनीषा वाघमारे की जमानत याचिका खारिज कर दी है। मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो – सीबीआई द्वारा की जा रही है। अदालत में सीबीआई ने कहा कि पुणे स्थित शिक्षा सलाहकार वाघमारे ने पैसे के बदले छात्रों को परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक किए। जांच एजेंसी ने उम्मीदवारों के बयानों का हवाला दिया। इसमें उन्होंने कहा कि प्रश्न पत्रों के लिए पैसे दिए गए थे। इस मामले में सीबीआई ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दर्ज की गई शिकायत के आधार पर 12 मई को प्राथमिकी दर्ज की थी।
सीबीआई के अनुसार मनीषा छात्रों को जुटाने में लगे बिचौलियों में शामिल थी। आरोप है कि इन छात्रों ने विशेष कोचिंग सत्रों में शामिल होने के लिए लाखों रुपये का भुगतान किया था। यहां परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों को बताया गया था।
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) 21 जून को पुनर्परीक्षा आयोजित करेगी। एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी होने की उम्मीद है।