16वीं असम विधानसभा का पहला सत्र संवैधानिक परम्परा और भाषाई समावेशिता पर ज़ोर देने के साथ आज शुरू हुआ। यह राज्य के नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए एक महत्वपूर्ण शुरुआत है।अस्थाई अध्यक्ष चंद्र मोहन पटवारी ने सदन की अध्यक्षता की तथा निव-निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई।
समावेशिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए असम विधानसभा में असम की विविध भाषाई विरासत को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा के निवेदन पर जनजातीय विधायकों को उनकी मातृभाषा में शपथ दिलाने की अनुमति दी गई।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने सबसे पहले शपथ ली। इसके बाद मंत्रिमंडल के मंत्री अजंता नियोग, रामेश्वर तेली, चरण बोरो और अतुल बोरा ने शपथ ली। मंत्री चरण बोरो ने बोडो भाषा में शपथ ली। वहीं, वरिष्ठ नेता बिस्वजीत डाइमरी ने संस्कृत भाषा में शपथ ली।
अध्यक्ष कार्यालय में शपथ की लिखित प्रतिलिपियां जमा देने के बाद कार्बी और कोच-राजबोंगशी समुदाय के सदस्यों को भी उनकी अपनी भाषाओं में शपथ दिलाने की अनुमति दी गई।
बाद में, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन – एनडीए के भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार रंजीत कुमार दास को निर्विरोध सदन का अध्यक्ष चुना गया।विधानसभा का सत्र 26 मई तक चलेगा। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य सदन को कल सम्बोधित करेंगे।