गुजरात उच्च न्यायालय ने आज आसाराम आश्रम ट्रस्ट की अपीलें खारिज कर कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही राज्य सरकार के लिए मोटेरा क्षेत्र में आश्रम द्वारा कब्जा की गई 45 हजार वर्ग मीटर से अधिक भूमि को पुनः प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
न्यायालय ने कहा कि ट्रस्ट ने बार-बार कानून का उल्लंघन किया है और इस प्रकार के अनाधिकृत निर्माणों को नियमित करने की कोई गुंजाइश नहीं है।