मई 10, 2026 9:22 अपराह्न

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गृह मंत्री अमित शाह ने देश में संभावित बाढ़ और लू की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों की समीक्षा की

गृह मंत्री अमित शाह ने देश में संभावित बाढ़ और लू से निपटने के लिए तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। नई दिल्ली में आज एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री शाह ने कहा कि केंद्र और राज्य स्तर पर बाढ़ के पूर्वानुमान के लिए एक एकीकृत प्रणाली होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में स्थित अधिक जोखिम वाली 30 झीलों के लिए विकसित की जाने वाली पूर्व चेतावनी प्रणाली में कम से कम 60 झीलों को शामिल किया जाना चाहिए। श्री शाह ने कहा कि नदियों पर चेक डैम बनाकर जल संरक्षण करना और साथ ही लू के प्रभाव को कम करना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लू के कारण कृषि को होने वाले नुकसान को कम करने के प्रयास किए जाने चाहिए।

    श्री शाह ने कहा कि देश के प्रत्येक राज्य में बाढ़ आपदा प्रबंधन दल गठित और सक्रिय किए जाने चाहिए। उन्‍होंने कहा कि यह अध्‍ययन किया जाना चाहिए कि कौन-कौन से राज्‍य जंगल की आग, लू और बाढ़ से निपटने के लिए एनडीएमए और गृह मंत्रालय के निर्देशों का पालन कर रहे हैं। श्री शाह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के बदलते स्वरूप और उनसे उत्पन्न होने वाली आपदा संबंधी बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौसम पूर्वानुमान और चेतावनियों का व्यापक और प्रभावी प्रसार किया जाना चाहिए।

    बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, केंद्रीय गृह सचिव, विभिन्न मंत्रालयों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विभागों के प्रमुख, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के महानिदेशक, भारतीय मौसम विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।