वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में वायुसेना का फोकस ‘प्लेटफॉर्म-केंद्रित’ से ‘क्षमता-केंद्रित’ दृष्टिकोण की ओर बढ़ा है। साथ ही विभिन्न घटकों के बेहतर एकीकरण पर भी बल दिया गया है। वायुसेना दिवस की 94वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि इस रणनीति ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी उपयोगिता साबित की।
हवाई अभ्यासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि फरवरी में हुए वायु शक्ति अभ्यास के दौरान करीब 130 विमानों और वायु रक्षा प्रणालियों ने वायु सेना की क्षमता का प्रदर्शन किया। वायु सेना प्रमुख ने कहा कि पिछले एक वर्ष में वायु सेना ने अमरीका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, थाईलैंड और जापान सहित कई देशों के साथ हवाई अभ्यास किए हैं। उन्होंने बताया कि जोधपुर में जारी तरंग शक्ति अभ्यास के दूसरे चरण में 41 देश शामिल हैं। अभ्यास के दौरान पहली बार एफ-35 विमानों का एक दल भारत आया है।