कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एकीकृत खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि किसानों को व्यवहारिक रूप से एकीकृत खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
नई दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की व्यय वित्त समिति से संबंधित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री चौहान ने कहा कि भारतीय कृषि को अधिक उत्पादक, कम लागत वाली और लाभकारी बनाने के लिए सभी प्रयास किए जाने चाहिए। श्री चौहान ने कहा कि वैज्ञानिक खेती समय की आवश्यकता है और जलवायु परिवर्तन का असर अब भारत सहित पूरी दुनिया में साफ दिखाई दे रहा है।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को राज्यों की सहमति से प्रत्येक राज्य की जलवायु और कृषि परिस्थितियों के अनुसार राज्यवार कृषि रोडमैप तेजी से तैयार करने के निर्देश भी दिए।