पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन अब युवाओं को अपने साथ जोड़ने और प्रशिक्षण देने के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
तुर्किए की पत्रकार उजाय बुलुत ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, जैश-ए-मोहम्मद और इस्लामिक स्टेट खुरासान जैसे आतंकी संगठनों ने अपनी रणनीति बदल दी है। अब ये संगठन सोशल मीडिया के जरिए प्रचार, धन जुटाने, नए लोगों की भर्ती और ऑनलाइन प्रशिक्षण का काम कर रहे हैं।
उजाय बुलुत ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पहले ये आतंकी संगठन प्रशिक्षण शिविरों, धार्मिक उपदेशों और सीधे संपर्क के जरिए लोगों को कट्टरपंथ की ओर ले जाते थे। लेकिन अब वे इन तरीकों के साथ-साथ ऑनलाइन प्रशिक्षण और एन्क्रिप्टेड संचार का भी उपयोग कर रहे हैं। इससे इनका पता लगाना अधिक कठिन हो गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान अब भी कई क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों के लिए सुरक्षित ठिकाने और संचालन केंद्र के रूप में काम कर रहा है।
ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 में पाकिस्तान, आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित देशों की सूची में शीर्ष पर है। इसी तरह, 25 मार्च 2026 को जारी अमेरिकी कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की रिपोर्ट में भी पाकिस्तान को कई आतंकी संगठनों का संचालन केंद्र बताया गया है।