इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि आर्टिफिशिय इंटेलिजेंस के विनियमन पर एक परामर्श पत्र अगले महीने जारी किया जाएगा। आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का वादा विषय पर विश्व विकास रिपोर्ट 2026 जारी करने के बाद श्री वैष्णव ने कहा कि परामर्श पत्र एआई और साइबर सुरक्षा, एआई के लाभ और संभावित नुकसान पर केंद्रित होगा। उन्होंने कहा कि इसमें एआई के लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने और लोगों को डीपफेक जैसे हानिकारक अनुप्रयोगों से बचाने पर बल दिया जाएगा।
श्री वैष्णव ने कहा कि कृषि, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में एआई के उपयोग से समाज को अधिक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण के दृष्टिकोण को दिखाता है।
श्री वैष्णव ने कहा कि सरकार स्टार्टअप, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और छात्रों के लिए एआई को सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत अब उन देशों में शामिल है जिन्होंने एआई को अपनाकर वास्तविक लाभ प्राप्त किया है। श्री वैष्णव ने कहा कि वास्तविक लाभ प्रौद्योगिकी के वास्तविक उपयोग से प्राप्त होते हैं इससे ना केवल उत्पादकता और राजस्व बढ़ता है बल्कि लागत कम होती है और लोगों का जीवन भी बेहतर होता है। साथ ही यह नई तकनीक लघु और मध्यम उद्यमों के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर पैदा करेगी।