जून 29, 2026 8:29 अपराह्न

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देश के औद्योगिक उत्पादन में 5.1 प्रतिशत की वृद्धि

देश में इस वर्ष मई में वार्षिक आधार पर औद्योगिक उत्पादन सूचकांक-आई.आई.पी. पर आधारित औद्योगिक उत्पादन में 5.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। बीते अप्रैल में देश के औद्योगिक उत्‍पादन में 4.9 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। सरकार ने औद्योगिक उत्‍पादन वृद्धि दर को मापने के लिए वर्ष 2022-23 को नए आधार वर्ष के रूप में संशोधित किया है। नए संशोधित रूप में एक अद्यतन उत्पाद बास्केट को सम्मिलित किया गया है जिसमें विभिन्‍न उत्‍पादों को आवश्‍यकतानुसार महत्‍व देते हुए व्यापक क्षेत्रीय प्रतिनिधित्‍व को स्‍थान दिया गया है।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बीते मई के दौरान बिजली और गैस आपूर्ति उत्‍पादन के क्षेत्र में वृद्धि दर 9.9 प्रतिशत दर्ज हुई। विनिर्माण के साथ-साथ जल आपूर्ति, सीवरेज और अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्रों में 5.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालांकि, इस अवधि में खनन और उत्खनन क्षेत्र में 1.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने मई के आंकड़ों का ब्‍यौरा देते हुए कहा कि आधार वर्ष के रूप में 2022-23 के साथ नई आई.आई.पी. श्रृंखला के लिए डिफ्लेटर के रूप में आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स के साथ थोक मूल्य सूचकांक यानी डब्‍ल्‍यू पी आई को बदल दिया गया है। मंत्रालय ने इस महीने की पहली तारीख को जारी डब्ल्यूपीआई-आधारित श्रृंखला का स्थान लेते हुए, आउटपुट पी.पी.आई. का उपयोग करके संपूर्ण 2022-23 आधारित आई.आई.पी. श्रृंखला को संशोधित किया है।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने कहा कि इस कदम से वास्तविक औद्योगिक उत्पादन के अनुमान में सुधार होगा क्योंकि आउटपुट पी.पी.आई. उन उत्पादों के लिए उत्पादक कीमतों का अधिक सूक्ष्म माप प्रदान करता है जिनके उत्पादन मूल्य के संदर्भ में रिपोर्ट जारी किए जाते हैं। मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय रूप से सर्वोत्तम प्रथाओं का अनुपालन करते हुए आई.आई.पी. आधार में यह संशोधन तकनीकी सलाहकार समिति की सिफारिशों के अनुरूप है और राष्ट्रीय खातों में पी.पी.आई. आधारित मात्रा अनुमान विधियों को अंतिम रूप से अपनाने की सुविधा प्रदान करेगा।

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