लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण से महिला राजनीतिक नेतृत्व के नए द्वार खुलेंगे। श्री बिरला ने कहा कि आने वाले वर्षों में राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्रों में महिला नेताओं की एक नई पीढ़ी उभर कर सामने आएगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज हरियाणा के फरीदाबाद में राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का उद्घाटन किया। ‘जेंडर-रेस्पॉन्सिव गवर्नेंस’ यानी लिंग-उत्तरदायी शासन के विषय पर आयोजित इस कार्यशाला में उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्रों में महिला नेताओं की एक नई पीढ़ी उभर कर सामने आएगी।
श्री बिरला ने जोर देकर कहा कि अब ध्यान केवल महिलाओं को सहायता और अवसर देने के बजाय उन्हें नीतियों, कार्यक्रमों और कानूनों को सक्रिय रूप से तैयार करने में सक्षम बनाने पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी यानी महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के बिना भारत एक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर आगे नहीं बढ़ सकता। लोकसभा अध्यक्ष ने महिला विधायकों से ऐसी प्रभावी नीतियों और विधायी उपायों पर विचार-विमर्श करने का आह्वान किया जो महिलाओं को, विशेषकर वंचित और कठिनाइयों का सामना कर रही महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत कर सकें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग जैसी संस्थाओं की महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए उभरती चुनौतियों की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका है।