भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने ऋण प्रतिभूतियों के लिए अलग अलग रंगों वाले क्रेडिट रिस्क-ओ-मीटर को अनिवार्य कर दिया है। जारीकर्ताओं और ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रदाताओं के जारी किए गए ऑफर दस्तावेजों, संक्षिप्त प्रॉस्पेक्टस, प्राइवेट प्लेसमेंट मेमोरेंडम और विज्ञापनों में रंगों वाले जोखिम संकेतक प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। बोर्ड ने कहा कि इसका उद्देश्य निवेशकों की क्रेडिट जोखिम का स्पष्ट आकलन करने में सहायता करना है।नए प्रावधान परिपत्र जारी होने की तिथि से 45 दिनों के भीतर प्रभावी हो जाएंगे।
News On AIR | अक्टूबर 8, 2026 9:47 अपराह्न
सेबी ने ऋण प्रतिभूतियों के लिए अलग-अलग रंगों वाले क्रेडिट रिस्क-ओ-मीटर को अनिवार्य किया