सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जोन-ए में 16 हजार 726 अनधिकृत निर्माणों को सील कर ध्वस्त करने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ अवैध निर्माण से जुड़े पुराने निर्देशों का पालन नहीं होने पर दायर अवमानना याचिका की सुनवाई कर रही है।
न्यायालय ने शहर के तीन अन्य क्षेत्र में अवैध निर्माण को लेकर भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
इसके अलावा, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की अध्यक्षता में एक न्यायिक आयोग गठित किया गया है। आयोग उल्देपुर में अवैध आवासीय कॉलोनियों की जांच करेगा और यह भी पता लगाएगा कि क्या मेरठ विकास प्राधिकरण के अधिकारी इसमें शामिल थे।
न्यायालय ने अधिकारियों को अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने और दिसंबर में होने वाली अगली सुनवाई से पहले स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।