अप्रैल 13, 2026 5:19 अपराह्न

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सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली मांग पर केंद्र और निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया

सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने मतदान केंद्रों पर फर्जी और धोखाधड़ी से होने वाली वोटिंग को रोकने के लिए फिंगरप्रिंट और आइरिस आधारित बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली लागू करने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि हालांकि यह प्रस्ताव मौजूदा विधानसभा चुनावों में लागू नहीं किया जा सकता, लेकिन संसदीय चुनावों सहित भविष्य के चुनावों के लिए इसकी व्यवहार्यता की जांच आवश्यक है।

अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर इस याचिका में  तर्क दिया गया है कि बायोमीट्रिक सत्यापन से प्रतिरूपण, प्रॉक्सी वोटिंग और चुनावी धोखाधड़ी जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा है कि मतदाता पहचान पत्र आधारित वर्तमान प्रणाली पुरानी तस्वीरों और वास्तविक समय सत्यापन की कमी के कारण असुरक्षित है।

सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने बताया कि ऐसी प्रणाली को लागू करने के लिए पर्याप्त वित्तीय निवेश के साथ-साथ महत्वपूर्ण कानूनी और प्रक्रियात्मक परिवर्तनों की आवश्यकता होगी। याचिका में यह भी कहा गया है कि आधार में उपयोग की जाने वाली बायोमेट्रिक प्रणालियों के समान, मतदान केंद्रों पर विशिष्ट और सत्यापन योग्य पहचान प्रदान करके एक नागरिक, एक वोट सुनिश्चित किया जा सकता है। न्‍यायालय ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है और इसके बाद मामले पर सुनवाई की जाएगी।

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