संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार समिति ने अफगानिस्तान के बाल विवाह को वैध ठहराने वाले एक नए फरमान की कड़ी निंदा की है। यह टिप्पणी तालिबान के अधिकारियों द्वारा जारी उस कानून की बढ़ती वैश्विक आलोचना के बीच आई है, जो नाबालिग लड़कियों के विवाह को वैध ठहराता है। समिति ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का गंभीर उल्लंघन बताया। समिति ने चेतावनी दी है कि कोई भी कानूनी व्यवस्था जो बाल विवाह को सामान्य बनाता है, बच्चों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। समिति ने कहा कि इन भेदभावपूर्ण नियमों में अफगानिस्तानी लड़कियों की माध्यमिक और उच्च शिक्षा पर प्रतिबंध भी शामिल है। समिति ने तालिबान अधिकारियों से बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन करने वाले सभी कानूनों को तुरंत रद्द करने और बाल विवाह को स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित करने का आह्वान किया। समिति ने अधिकारियों से लड़कियों की शिक्षा, संरक्षण, समानता और समाज में पूर्ण भागीदारी के अधिकारों को बहाल करने का भी आग्रह किया।
News On AIR | जून 2, 2026 8:11 अपराह्न
संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार समिति ने अफगानिस्तान में बाल विवाह को वैध ठहराने वाले फरमान की निंदा की