सितम्बर 29, 2026 2:46 अपराह्न

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा-भारत-चीन संबंधों में सीमा विवाद के समाधान से सुधार आया है

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत और चीन के संबंध पिछले वर्ष की तुलना में आज बेहतर हैं। अमरीका के न्‍यूयॉर्क में एशिया सोसायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उन्‍होंने कहा कि सीमा गतिरोध का समाधान होने के बाद दोनों देशों के संबंधों में सुधार शुरू हुआ।

उन्‍होंने कहा कि भारत लंबे समय से चीन से कहता रहा है कि द्विपक्षीय संबंधों में गिरावट दोनों देशों के हित में नहीं है और लंबे समय तक सीमा गतिरोध किसी भी देश के हित में नहीं है।

भारत-अमरीका संबंध और व्‍यापार समझौते पर वार्ता के बारे में विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देश ऐसी स्थिति में पहुंच गए हैं जहां व्‍यापार समझौते को लेकर समझ बनी है। उन्‍होंने कहा कि भारत छोटे उत्‍पादकों, छोटे कृषि उत्‍पादकों और छोटे कारखानों वाला देश है।

भारत और अमरीका के बीच प्रति व्‍यक्ति आय के अंतर के अलावा उत्‍पादन और समाज की प्रकृति भी काफी अलग है। उन्‍होंने कहा कि व्‍यापार वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए धैर्य और बारीकी से विचार-विमर्श की जरूरत है।

उन्‍होंने कहा कि पिछले वर्ष लगाए गए शुल्‍क से दोनों देशों के संबंधों में कुछ कठिनाई आई थी। डॉ. जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत के लिए विशेष रूप से महत्‍वपूर्ण मुद्दा है। उन्‍होंने कहा कि इस संबंध में अमरीकी पक्ष की ओर से पर्याप्‍त समझ या संवेदनशीलता नहीं है।

विदेश मंत्री ने कहा कि रूस-यूक्रेन और ईरान-खाड़ी संघर्षों ने विकासशील और अल्‍प विकसित देशों की अर्थव्‍यवस्‍था पर गंभीर प्रभाव डाला है। उन्‍होंने ऊर्जा की स्थिति पर चिंता व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि बाजार में आपूर्ति को लेकर काफी कठिनाई है।

उन्‍होंने कहा कि इसको लेकर अगर राजनीति की जाती है तो इससे बाजार की जटिलताएं और कीमतें बढती हैं जबकि इस समय कीमतों का स्थिर रहना बहुत जरूरी है। उन्‍होंने आगाह किया कि आने वाले महीनों में खाद्य संकट और उर्वरकों में कमी की समस्‍या आ सकती है। 

 

 

 

 

 

 

 

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