नवम्बर 4, 2026 9:20 पूर्वाह्न

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वर्ष 2029 तक भारत का लक्ष्य 3 लाख करोड़ रुपये का रक्षा उत्पादन और 50 हजार करोड़ रुपये का रक्षा निर्यात हासिल करना है

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत का लक्ष्य 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये का रक्षा उत्पादन और 50 हजार करोड़ रुपये का रक्षा निर्यात हासिल करना है। श्री सिंह ने जैसलमेर में रक्षा मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार तकनीकी रूप से सशक्त एक ऐसी सेना बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जो वर्तमान के साथ साथ भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो।

उन्होंने बताया कि रक्षा उत्पादन 2014-15 के 46 हजार 429 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में रिकॉर्ड 1 लाख 78 हजार करोड़ रुपये हो गया है। रक्षा निर्यात भी 2014 में 2,000 करोड़ रुपये से कम था, जो अब बढ़कर लगभग 40 हजार करोड़ रुपये हो गया है। श्री सिंह ने 2026-27 के लिए 7 लाख 85 हजार करोड़ रुपये के रिकॉर्ड रक्षा बजट का उल्लेख किया, जिसमें आधुनिकीकरण और पूंजीगत खरीद के लिए 2 लाख 19 हजार करोड़ रुपये का पूंजीगत परिव्यय शामिल है।

उन्होंने कहा कि सैन्य क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिए पर्याप्त फंडिंग, संसाधनों का प्रभावी उपयोग और सेना की महत्वपूर्ण जरूरतों को प्राथमिकता देना आवश्यक है। बैठक में उभरती सुरक्षा चुनौतियों, युद्ध के बदलते तरीकों और अगली पीढ़ी के प्लेटफॉर्म, हथियारों और प्रौद्योगिकी को शामिल करने पर चर्चा हुई। तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय, संयुक्त परिचालन योजना और विभिन्न क्षेत्रों में क्षमताओं का उपयोग करना मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल था।

बैठक में प्रतिभागियों ने भविष्य के संघर्षों के लिए सेना को तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वायत्त प्रणालियों, मानव रहित प्लेटफॉर्म, साइबर और अंतरिक्ष क्षमताओं, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और उन्नत संचार प्रणालियों की भूमिका पर भी विचार किया। रक्षा मंत्री ने उन्नत हथियारों, मिसाइलों और प्रणालियों पर डीआरडीओ के काम का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार एम एस एम ई से लेकर बड़ी कंपनियों तक, निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के इस प्रयास को संपूर्ण राष्ट्र का दृष्टिकोण बताया।