भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई दिल्ली में आज भारतीय जनसंघ के 75वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सम्मान की बात है कि उन्हें उसी स्थान पर जनसंघ के स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता करने का अवसर मिला, जहां 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसकी स्थापना की थी।
श्री नवीन ने जनसंघ की स्थापना के समय से जुड़े वरिष्ठ सदस्यों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए याद किया कि कैसे पहले आम चुनाव में तीन सीटों से शुरू हुआ पार्टी का सफर 303 सीटों तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि इन वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और विचारों से पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं को प्रेरणा मिलती है।
भाजपा अध्यक्ष ने ये आयोजन जनसंघ के वरिष्ठ नेताओं को समर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के भविष्य के लिए निस्वार्थ भाव से काम किया और कई कठिनाइयों का सामना किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता को इसी समर्पण और संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए। श्री नवीन ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों और जनसंघ की स्थापना में उनके योगदान का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद डॉ. मुखर्जी के प्रयासों से ही ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने भाजपा के युवा कार्यकर्ताओं से राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित रहने का संकल्प लेने की भी अपील की।