बलूच नेशनल मूवमेंट ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के अवारान जिले के माश्काई क्षेत्र में कथित सैन्य घेराबंदी की कड़ी निंदा की है।
संगठन ने एक बयान में कहा कि पिछले दो हफ्तों से स्थानीय लोगों को उनके घरों तक सीमित रखा गया है। इस दौरान बाजार, अस्पताल, स्कूल और व्यवसाय पूरी तरह बंद हैं।
संगठन ने आरोप लगाया है कि लोगों को सैन्य शिविरों में बुलाकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। ईद के दौरान भी ये प्रतिबंध जारी रहे।
पिछले एक वर्ष में माश्काई क्षेत्र में सैन्य हिरासत में लिए गए 20 से अधिक लोगों की मौत हुई है। संगठन ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा है कि यदि स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया तो क्षेत्र में मानवीय संकट और गंभीर हो सकता है।