पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कर्नाटक सरकार के इस दावे को खारिज किया है कि राज्य के कुछ पेट्रोल पंपों पर निर्धारित मात्रा से अधिक इथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल बेचा जा रहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों की ओर से देशभर में बेचा जा रहा ई-20 पेट्रोल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है।
मंत्रालय के अनुसार तीनों तेल कंपनियों की ओर से दिए जा रहे ई-20 पेट्रोल में भारतीय मानक ब्यूरो के निर्धारित मानक आईएस-17021 का पालन किया जा रहा है। देश के 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लिए गए 893 नमूनों की जांच में सभी नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए हैं। इनमें कर्नाटक से लिए गए 56 नमूने भी शामिल हैं। इन नमूनों में इथेनॉल की मात्रा 19 से 20 प्रतिशत के बीच पाई गई है।
इससे पहले, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने भी बताया था कि कर्नाटक में ई-20 पेट्रोल में अधिक इथेनॉल होने के दावों की पुष्टि निर्धारित जांच प्रक्रियाओं से नहीं हुई है। तीनों कंपनियों ने कर्नाटक सरकार से नमूने लेने से जुड़े पूरे दस्तावेज, पेट्रोल पंप के अनुसार प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट और जांच की प्रक्रिया का विवरण साझा करने का अनुरोध किया है।
मंत्रालय ने कहा है कि तेल कंपनियां पेट्रोल की आपूर्ति और वितरण के सभी स्तरों पर गुणवत्ता की जांच करती हैं, जिससे उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाला मिश्रित ईंधन निर्धारित मानकों के अनुरूप हो।