पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की नवगठित सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे मामले को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बृहस्पतिवार को सरकारी अधिवक्ता कुणाल मिमानी ने सर्वोच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर मामले को वापस लेने के लिए तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 22 मई 2024 को तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा तैयार की गई अन्य पिछड़ा वर्ग सूची को रद्द कर दिया था और नई सूची बनाने का आदेश दिया था।
तत्कालीन राज्य सरकार ने इस फैसले को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में अपील की थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है।