अगस्त 30, 2026 9:03 अपराह्न

printer

नेपाल ने भोटे कोशी नदी के किनारे बाढ़ की नई चेतावनी जारी की।

 नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 781 हो गई है। आपदा के पांचवें दिन भी दो हजार पांच सौ से अधिक लोग लापता हैं। बचाव दल लापता लोगों की तलाश और फंसे हुए लोगों को निकालने में जुटे हैं। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण- एनडीआरआरएमए ने बताया है कि अब तक प्रभावित इलाकों से आठ हजार एक सौ 86 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें दो सौ 27 विदेशी नागरिक हैं।

नेपाल सरकार ने भोटेकोशी नदी में बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी किया है। एनडीआरआरएमए ने बताया है कि नदी में पानी का बहाव बढ़ रहा है। रसुवा जिला प्रशासन ने रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में भोटेकोशी नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि बाढ़ के बाद नेपाल में अब तक 149भारतीय नागरिकों को बचाया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि पहले लापता करीब 50 भारतीय नागरिकों से फिर संपर्क हो गया है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दो सौ 75 भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं, जबकि अन्य देशों की नागरिकता रखने वाले करीब एक सौ 28 भारतीय मूल के लोग भी लापता हैं।

पिछले दो दिनों में पांच सौ 98 भारतीय नागरिक चीन से नेपाल पहुंचे हैं। 900 भारतीय नागरिक चीन में सुरक्षित हैं। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास उनसे सीधे और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से संपर्क में है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार प्रभावित लोगों के बचाव और राहत के लिए नेपाल तथा चीन के अधिकारियों के साथ समन्‍वय कर रही है।

भारत बाढ़ प्रभावित नेपाल में राहत और बचाव कार्यों में लगातार मदद कर रहा है। 11 टन राहत सामग्री लेकर चौथी उड़ान काठमांडू पहुंच गई है, जिसे नेपाल सरकार को सौंप दिया गया है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बताया कि इस उड़ान में बचाव और राहत कार्यों के लिए जरूरी सामान और तकनीकी संसाधन भेजे गए हैं।

इससे पहले भारत तीन उड़ानों के जरिए 57 टन से अधिक आपातकालीन राहत सामग्री नेपाल भेज चुका है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हिमखंड टूटने से हिमस्खलन हुआ, जिसके बाद पानी, कीचड़ और मलबा तेजी से नीचे की ओर बहा। बुधवार को आई इस आपदा से नेपाल के कई कस्बों और गांवों को नुकसान पहुंचा, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा तबाह हो गया और कई पनबिजली संयंत्रों को भी नुकसान पहुंचा है।

इस बीच, नेपाल सीमा के पास तिब्बत में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। पांच सौ 46 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें कई भारतीय भी शामिल हैं। यह भीषण बाढ़ 26 अगस्त को ग्यिरोंग-नेपाल सीमा के आव्रजन केंद्र में आई थी। उस समय तिब्बत में प्रवेश करने और वहां से बाहर निकलने के लिए दोनों तरफ सैकड़ों लोग इंतजार कर रहे थे।

सर्वाधिक पठित
सम्पूर्ण जानकारी arrow-right

कोई पोस्ट नहीं मिला