अक्टूबर 8, 2026 5:18 अपराह्न

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जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने गंगा पुनर्जीवन पर सशक्त कार्य बल की बैठक की अध्यक्षता की

जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने नई दिल्ली में गंगा पुनर्जीवन पर गठित सशक्त कार्य बल की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में नमामि गंगा कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई और नदी पुनर्जीवन में तेजी लाने के उद्देश्य से किए जा रहे प्रमुख उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सीवेज अवसंरचना की स्थिति, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने और मूल्यांकन, भूमि उपलब्धता, उपचारित अपशिष्ट जल का सुरक्षित पुन: उपयोग, जलभंडार मानचित्रण, आर्द्रभूमि, शहरी स्वच्छता कार्य योजना, हवाई जल निकासी मानचित्रण और राज्य गंगा समितियों की नियमित बैठकों की समीक्षा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए सी.आर. पाटिल ने इस बात पर जोर दिया कि नदी पुनर्जीवन के लिए प्रदूषण नियंत्रण से परे जाकर जल उपलब्धता, पारिस्थितिक स्वास्थ्य, भूजल सुरक्षा, जैव विविधता संरक्षण, सतत शहरी विकास और सामुदायिक भागीदारी को समाहित करने वाले एक समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता है।

जल शक्ति मंत्रालय ने बताया कि लगभग 43 करोड़ रुपये की कुल लागत से लगभग 500 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 368 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। सीवरेज अवसंरचना के अंतर्गत 219 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिससे प्रतिदिन छह हजार मिलियन लीटर -एमएलडी से अधिक की उपचार क्षमता और लगभग पांच हजार किलोमीटर का सीवर नेटवर्क तैयार हुआ है। इनमें से 147 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिनसे लगभग चार हजार एमएलडी की सीवेज उपचार क्षमता और 4 हजार छह सौ 15 किलोमीटर का सीवर नेटवर्क पूरा हुआ है।

बैठक में बिहार में निरंजना/फाल्गु नदी के प्रस्तावित पुनरुद्धार की समीक्षा की गई। बैठक में यमुना नदी के पुनरुद्धार के लिए एनएमसीजी से संबंधित हस्तक्षेपों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। सशक्त कार्य बल की 20वीं बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि गंगा बेसिन में सतत और समन्वित प्रयास अविरल और निर्मल गंगा की परिकल्पना को मजबूत करने के साथ-साथ नदी बेसिन में दीर्घकालिक जल सुरक्षा, पारिस्थितिक लचीलापन और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए बहुत महत्‍वपूर्ण है।

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