केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने, भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और विकसित भारत की दिशा में देश की प्रगति के लिए उद्योग और सरकार के बीच सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया है। वे आज नई दिल्ली में आयोजित भारत व्यापार सुधार सम्मेलन-2026 में बोल रहे थे।
श्री गोयल ने कहा कि वर्तमान वैश्विक स्थिति और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं को भारत के लिए व्यापारिक प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने, तेजी से सुधार करने, अधिक लचीलापन विकसित करने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। व्यवसायों से सतर्क रहने और घबराहट से बचने का आह्वान करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत ने कोविड-19 जैसी अप्रत्याशित चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है। उन्होंने खर्च कम करने, उत्पादकता में सुधार लाने और ऊर्जा दक्षता उपायों को अपनाने सहित अधिक कुशल और प्रभावी व्यावसायिक पद्धतियों की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री गोयल ने बताया कि देश में लगभग एक हजार आठ सौ वैश्विक क्षमता केंद्र कार्यरत हैं।
मंत्री ने कहा कि ये क्षमता केंद्र प्रत्यक्ष रोजगार के करीब बीस लाख और परोक्ष रोजगार के लगभग एक करोड अवसर पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भारत को बड़ी तेजी से एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में पहचान रही हैं, जिसके पास युवा और प्रतिभाशाली मानव संसाधन हैं जो वैश्विक परिचालन में सहयोग करने में सक्षम हैं।
श्री गोयल ने कहा कि व्यवसायों को उभरती प्रौद्योगिकियों और वैश्विक विकास को अवसरों के रूप में देखना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार विश्वसनीय वैश्विक साझेदारियों, कम लागत पर डेटा की उपलब्धता, नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार और मजबूत विद्युत अवसंरचना के माध्यम से डेटा केंद्रों और क्लाउड सेवाओं में निवेश के लिए एक अनुकूल वातावरण का निर्माण कर रही है। श्री गोयल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत मजबूत स्थिति से विश्व के साथ जुड़ रहा है और कहा कि देश वस्तुओं का एक प्रतिस्पर्धी निर्माता और सेवाओं का प्रदाता है।
विभिन्न मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये समझौते अधिक जुड़ाव के द्वार खोलते हैं और इस बात पर जोर दिया कि भारतीय व्यवसायों को केवल आयात में वृद्धि होने देने के बजाय निवेश आकर्षित करने और निर्यात बढ़ाने के लिए इनका लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत अब एक ट्रिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य बना रहा है। मंत्री ने निर्यातकों से आगामी एफटीए का सक्रिय रूप से लाभ उठाने का आग्रह किया।