खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने भारत के मसाला क्षेत्र की क्षमताओं को उजागर करने के लिए गुणवत्ता, नवाचार और उद्योग तथा सरकार के मजबूत सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। नई दिल्ली में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित भारत मसाला सम्मेलन 2026 में श्री पासवान ने कहा कि हमें मसालों को केवल रसोई की आवश्यक वस्तु मानने से आगे बढ़कर न्यूट्रास्यूटिकल्स, खाद्य पूरक और वैश्विक व्यापार जैसे क्षेत्रों में उनकी व्यापक क्षमताओं का पता लगाना होगा।
उन्होंने कहा कि भारत के ऐतिहासिक व्यापारिक संबंधों का मसालों से गहरा जुड़ाव है। सदियों पहले देश का वैश्विक व्यापार मसालों की समृद्ध विरासत पर आधारित था। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की पूरी क्षमता का अभी तक उपयोग नहीं किया गया है। श्री पासवान ने उद्योग के हितधारकों से सक्रिय रूप से सुधारों के लिए सुझाव देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग की जरूरतों और नीति निर्माण के बीच सेतु का काम करने के लिए तैयार है।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि हालांकि भारत ने कृषि उत्पादन में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, लेकिन अब खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से मूल्यवर्धन पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है। सरकार की पहलों पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने पीएम किसान संपदा योजना और पी.एम.एफ.एम.ई. जैसी योजनाओं का उल्लेख किया, जिनका उद्देश्य मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करना और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देना है।