अप्रैल 20, 2026 6:13 अपराह्न

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महिला आरक्षण विधेयक को लेकर रैलियां और राज्यव्यापी अभियान चलाएगा महायुति गठबंधन: देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन में एक करोड़ हस्ताक्षर जुटाने के लिए राज्यव्यापी अभियान चलाएगा। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब विधेयक के कार्यान्वयन को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है।

मुंबई में संवाददाता सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों के महिला विरोधी रुख को उजागर करने और जनता का दबाव बनाने के लिए पूरे महाराष्ट्र में रैलियां भी आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू होने तक अपना आंदोलन जारी रखेगा।

श्री फडणवीस ने 17 अप्रैल को देश के इतिहास का “काला दिन” बताया। इस दिन संसद में विधेयक खारिज कर दिया गया था। उन्‍होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने यह महसूस करने के बाद अपना रुख बदल लिया कि एनडीए के पास दो-तिहाई बहुमत नहीं है। श्री फडणवीस ने कहा कि जिन पार्टियों ने 2023 में परिसीमन और जनगणना के साथ आरक्षण के कार्यान्वयन को जोड़ने पर सहमति व्यक्त की थी, वे बाद में पीछे हट गए। उन्‍होंने इसे महिलाओं की उचित भागीदारी से इनकार और “नारी शक्ति” का अपमान बताया।

इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने 2023 में सर्वसम्मति से पारित होने के बावजूद महिला आरक्षण कानून को लागू करने में हो रही देरी पर केंद्र सरकार से सवाल किया। संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने पूछा कि लगभग तीन साल बीत जाने के बाद भी महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण क्यों लागू नहीं किया गया है। श्रीमती सुले ने कहा कि यह आरक्षण 2024 के लोकसभा सत्र में ही लागू हो जाना चाहिए था और उन्होंने सरकार से मौजूदा 543 सीटों पर महिलाओं को तुरंत आरक्षण देने का आग्रह किया। श्रीमती सुले ने तर्क दिया कि यह कानून परिसीमन से जुड़ा हुआ है। उन्‍होंने सरकार पर राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण जनगणना और जाति गणना सहित संबंधित प्रक्रियाओं में देरी करने का आरोप लगाया।