सर्वोच्च न्यायलय ने एशिया कप क्रिकेट प्रतियोगिता में 14 सितंबर को भारत और पाकिस्तान के बीच दुबई में होने वाले टी-20 मैच को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से आज इनकार कर दिया है।
न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की पीठ ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने से मना कर दिया और मैच को जारी रखने पर ज़ोर दिया।
चार कानून के छात्रों द्वारा दायर जनहित याचिका में तर्क दिया गया है कि पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के साथ खेलना राष्ट्रीय गरिमा को ठेस पहुंचाता है। याचिका में यह भी कहा गया कि यह सशस्त्र बलों तथा शहीदों के परिवारों के मनोबल को भी ठेस पहुंचाता है। याचिका में दावा किया गया है कि क्रिकेट को राष्ट्रीय हित, सुरक्षा या नागरिकों के जीवन से ऊपर नहीं रखा जा सकता।