लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज आंध्रप्रदेश के तिरूपति शहर में दो दिवसीय महिला सशक्तिकरण पर संसदीय और विधायी समिति राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने इस अवसर पर एक प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया और एक पुस्तिका जारी की।
कार्यक्रम को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि संविधान सभा में द्रौपदी देवी, हंसा मेहता, दुर्गाबाई देशमुख जैसी महिलाओं ने अपने विचारों और संघर्ष से लोकतंत्र की जड़ों को मज़बूती दी। आज वही परंपरा आगे बढ़ाते हुए, नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को शासन-व्यवस्था में निर्णायक भागीदारी प्रदान कर हमारे लोकतंत्र को और अधिक समतामूलक बना रहा है।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि महिला सशक्तिकरण कोई क्षणिक प्रयास नहीं, बल्कि यह सतत यात्रा है,जिसका उद्देश्य प्रत्येक महिला को गरिमा, अवसर और स्वावलंबन देना है। ‘विकसित भारत के लिए महिला-नेतृत्व वाला विकास’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प है। भारत की नारी शक्ति स्व-सहायता समूहों से लेकर अंतरिक्ष अनुसंधान तक, हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है और राष्ट्र निर्माण की नई राह प्रशस्त कर रही है। वास्तव में, नारी सशक्तिकरण ही राष्ट्र सशक्तिकरण है।