सितम्बर 11, 2025 12:47 अपराह्न

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इसरो ने लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान तकनीक के हस्तांरतरण और इसे वाणिज्यिक स्तर पर ले जाने के समझौते पर हस्ताक्षर किए।

न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन – इसरो, भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के बीच लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान- एसएसएलवी तकनीक के हस्तांतरण के  एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

इसरो द्वारा विकसित, एसएसएलवी एक त्वरित, प्रक्षेपण यान के रूप में डिज़ाइन किया गया है जिसका औद्योगिक उत्पादन के लिए विस्तार किया जा सकता है। इसका उद्देश्य छोटे उपग्रहों के  प्रक्षेपण के वैश्विक बाजार में हिस्‍सेदारी बढ़ाना है।

इसरो ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह समझौता देश के अंतरिक्ष क्षेत्र के सुधारों की दिशा में बडा कदम है, जो एसएसएलवी के वाणिज्यिक विस्‍तार का मार्ग प्रशस्त करता है। इसकी सफल तैनाती से भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और  साथ ही घरेलू और अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर छोटे उपग्रहों की प्रक्षेपण सेवाओं की बढती मांग को पूरा किया जा सकेगा ।