दिसम्बर 25, 2025 7:41 अपराह्न

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उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में महामना मालवीय के संपूर्ण कार्यों की अंतिम श्रृंखला का विमोचन किया

उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली में महामना वांग्मय: पंडित मदन मोहन मालवीय के संपूर्ण कार्यों की दूसरी और अंतिम श्रृंखला का विमोचन किया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह संग्रह सिर्फ कागज़ पर स्याही नहीं है, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम का डीएनए और देश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण की मूल योजना है। उन्होंने कहा कि औपनिवेशिक शासन के दौरान, पंडित मदन मोहन मालवीय का दृढ़ विश्वास था कि शिक्षा राष्ट्र को जगाने का सबसे शक्तिशाली साधन है। उपराष्ट्रपति ने बताया कि उनका जीवन इस बात का एक शानदार उदाहरण है कि कैसे शिक्षा समाज को बदल सकती है और देश की जड़ों को मज़बूत कर सकती है।

श्री राधाकृष्णन ने कहा कि पंडित मदन मोहन मालवीय ने सदियों पहले जिन नैतिक मूल्यों और सिद्धांतों की वकालत की थी, वे अब 2020 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति में दिखते हैं। उपराष्ट्रपति ने इस बात पर बल दिया कि यह नीति वर्तमान समय में उनकी शैक्षिक दर्शन का एक साकार रूप है, जिसका लक्ष्य आत्मनिर्भर, नवोन्‍मेषी और सामाजिक रूप से ज़िम्मेदार नागरिक तैयार करना है।

पंडित मदन मोहन मालवीय के संग्रहित कार्य के 11 खंड की पहली श्रृंखला 2023 में आज ही के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जारी की थी।

   

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