मुख्य समाचार :-
- ब्रिक्स देशों ने नई दिल्ली घोषणा-पत्र को अपनाया। बहुपक्षवाद को मजबूत करने और व्यापक सहयोग के लिए प्रतिबद्धता की पुष्टि की। घोषणा-पत्र में सदस्य देशों के बीच गहन आर्थिक और विकासात्मक सहयोग का आह्वान। पश्चिम एशिया सहित सभी विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए संवाद और कूटनीतिक प्रयासों का आग्रह।
- भारत ने कहा- घोषणा-पत्र को अपनाया जाना भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के प्रमुख परिणामों में से एक।
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा- निर्णयों और परिणामों के बीच अंतर को साझेदारी और सामूहिक कार्रवाई के माध्यम से पाटना होगा। कहा- ब्रिक्स सभी को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।
- प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति षी चिनफिंग ने द्विपक्षीय बैठक में रणनीतिक और दीर्घकालिक संबंधों पर बल दिया। कहा- मतभेदों को विवाद नहीं बनने देना चाहिए।
- प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
- केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने रेड कॉर्नर नोटिस के अंतर्गत वांछित अमृतपाल सिंह को मोल्दोवा से भारत प्रत्यर्पित कराया।
- अमरीकी ओपन टेनिस टूर्नामेंट के महिला सिंगल्स फाइनल में देर रात मौजूदा चैंपियन आर्यना सबालेंका का सामना एलिना रिबाकिना से।
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भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली के भारत मंडपम् में जारी 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले ही दिन सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से नई दिल्ली घोषणापत्र को अपनाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्र के अंत में इस घोषणापत्र को अपनाने का प्रस्ताव रखा था। समापन भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि नई दिल्ली घोषणापत्र सदस्य देशों के साझा संकल्प को स्पष्ट दिशा प्रदान करता है।
हमारे समक्ष ब्रिक्स न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन 2026 का ड्राफ्ट प्रस्तुत है। इसमें हमारी चर्चाओं का सार प्रमुख वैश्विक और क्षेत्रीय विषयों पर हमारे दृष्टिकोण शामिल हैं। साथ ही ब्रिक्स कॉरपोरेशन को और सुदृढ़ करने की प्राथमिकताएं समाहित हैं। किसी सदस्य की ओर से आपत्ति व्यक्त नहीं की गई है। न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन 2026 को सर्वसम्मति से अडाप्टड किया जाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की चर्चा से स्पष्ट है कि बदलते हुए विश्व का संचालन पुराने संस्थानों से नहीं किया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि प्रतिनिधित्व, जवाबदेही और नियम निर्माण की प्रक्रिया में सुधार आवश्यक हैं। श्री मोदी ने कहा कि निर्णयों और उनके परिणामों के बीच के अंतर को साझेदारी और सामूहिक कार्रवाई के माध्यम से पाटना होगा। ब्रिक्स के 20 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, सदस्य देशों के नेताओं ने दो स्मारक डाक टिकट भी जारी किए। इससे पहले, उद्घाटन भाषण में, श्री मोदी ने ब्रिक्स निरंतरता और कार्यान्वयन तंत्र का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि ब्रिक्स की अध्यक्षता हर वर्ष बदलती है, लेकिन इसकी संस्थागत गति बनी रहनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि कार्यान्वयन तंत्र तीन पक्षों के समूह ट्रोइका के माध्यम से सभी पहलों और उनके परिणामों की निगरानी करेगा।
ग्लोबल गवर्नेंस का वर्तमान स्ट्रक्चर एक पिरामिड जैसा दिखाई देता है। हमें इस पिरामिड और प्रीविलेज को प्लेटफार्म और पार्टनरशिप में बदलना है। जहां हर देश की आवाज हो, हर सदस्य का स्टेक हो, हर प्रयास के केंद्र में मानवता का विकास हो। इस उद्देश्य से मैं प्रस्ताव रखता हूं कि हम मिलकर ग्लोबल गर्वनेंस रिफॉर्मस के 10 प्रपोजल्स तैयार करें।
श्री मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देशों को अगले 20 वर्षों के लिए नए और महत्वाकांक्षी एजेंडे पर काम करना होगा। इसकी शुरुआत हमें अपनी कार्यप्रणाली में सुधार से करनी होगी।
अब समय है कि हम ब्रिक्स में हमारी एकता और सहमति को वैश्विक मंच पर ठोस परिणामों में बदलें। अगले 20 वर्षों के लिए हमें एक नए और एंबिशियस एजेंडा पर काम करना होगा। इसकी शुरुआत हमें अपने खुद के वर्किंग सिस्टम से करनी होगी। ब्रिक्स की अध्यक्षता हर वर्ष बदलती है किंतु इसकी वजह से हमारा इंस्टीट्यूशनल मोमेंटम नहीं रुकना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने समुद्री अधिकारियों और संबंधित देशों के राजनयिक मिशनों को जोड़ने के लिए आपात स्थिति में नाविक सहायता नेटवर्क स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।
क्या हम सी–फेरर इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क बना सकते हैं। इसके माध्यम से संबंधित देशों की मैरिटाइम अथॉरिटी और मिशन्स को जोड़ा जाएगा। इससे डिस्ट्रेस अलर्ट, मेडिकल अस्सिटेंस, परिवारों को सूचना तथा एवाक्यूवेशन में सहयोग दिया जा सकता है।
श्री मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच की एकता और सहमति को वैश्विक मंच पर ठोस परिणामों में बदलने का समय आ गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिक्स किसी देश के विरुद्ध नहीं है, बल्कि सभी को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता जन-केंद्रित और मानवता को प्राथमिकता देने के दृष्टिकोण पर आधारित है तथा लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण, भारत की प्रमुख प्राथमिकताएं रही हैं।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता पीपल सेंट्रिक और ह्यूमैनिटी फर्स्ट अप्रोच पर आधारित है। रिज़िलीअन्स, इनोवेशन, कारपोरेशन और सस्टेनेबिलिटी हमारी प्राथमिकताएं रही हैं। इन प्राथमिकताओं के साथ हमने ब्रिक्स सहयोग को सामान्य जन से जोड़ने पर विशेष बल दिया है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अब इसे और नहीं टाला जा सकता। प्रधानमंत्री ने बताया कि वैश्विक आर्थिक विकास को गति देने वाले देशों को वैश्विक आर्थिक शासन में भी उचित भूमिका निभानी चाहिए।
रिप्रेजेंटेशन के संबंध में मैं कहना चाहूंगा यूनियन सिक्योरिटी काउंसिल में रिफॉर्म अब और टाला नहीं जा सकता। इस विषय पर टैक्स बेस्ड नेगोशिएशंस को निश्चित समय सीमा और स्पष्ट परिणाम से जोड़ना होगा। उसी तरह फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस में वोटिंग पावर, लीडरशिप पोजीशंस और पॉलिसी प्रायोरिटीज आज की इकोनॉमी रियलिटीज के अनुसार होनी चाहिए।
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विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में नई दिल्ली घोषणा-पत्र पर सहमति भारत की विभिन्न स्तरों पर वर्षों चले सहयोग के परिणामस्वरूप संभव हुई है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आज विदेश मंत्रालय के सचिव सुधाकर दलेला ने कहा कि नई दिल्ली घोषणा-पत्र को अपनाना भारत की अध्यक्षता के प्रमुख परिणामों में से एक था। उन्होंने कहा कि आज के सत्र में ब्रिक्स नेताओं ने अपने-अपने राष्ट्रीय दृष्टिकोण से बात की, लेकिन बहुपक्षवाद को मजबूत करने और वैश्विक शासन संस्थानों को अधिक प्रतिनिधि, समावेशी, प्रभावी और आज की वास्तविकताओं के प्रति उत्तरदायी बनाने की आवश्यकता पर व्यापक सहमति थी।
मैं यह कहना चाहूंगा कि यदि आप नई दिल्ली घोषणापत्र को देखें, तो ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की स्पष्ट रूप से निंदा की है। ब्रिक्स नेताओं ने पिछले साल जम्मू – कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की भी कड़े शब्दों में निंदा की है।
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ब्रिक्स देशों ने विश्व के कई हिस्सों में संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में बढ़ते ध्रुवीकरण तथा गुटबाजी पर चिंता व्यक्त की है। नई दिल्ली घोषणापत्र में ब्रिक्स नेताओं ने वैश्विक सैन्य खर्च में लगातार वृद्धि पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। हमारे संवाददाता ने बताया है कि सदस्य देशों ने बहुपक्षीय दृष्टिकोण का आह्वान किया, जो सतत विकास, भूख और गरीबी का उन्मूलन तथा जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर सभी देशों के दृष्टिकोण का सम्मान करता हो।
ब्रिक्स सम्मेलन के पहले दिन जारी घोषणा पत्र में ब्रिक्स नेताओं ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई। उन्होंने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने और ऐसे कदमों से बचने की अपील की जिनसे स्थिति और खराब हो सकती है। ब्रिक्स नेताओं ने कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके अलावा बातचीत और कूटनीति के जरिए शांति, सुरक्षा और स्थिरता का रास्ता तलाशने की अपील की। ब्रिक्स नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र महासभा और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों को लागू करने का भी आह्वान किया। उन्होंने सभी पक्षों से गाजा पट्टी में युद्ध विराम और मानवीय सहायता की पूर्ण तथा निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने की अपील की। ब्रिक्स नेताओं ने दोहराया है कि इस्राइज–फिलिस्तीन संघर्ष का समाधान केवल बातचीत से ही संभव है। आतंकवाद पर ब्रिक्स देशों ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि आतंकवाद का कोई भी रूप पूरी तरह अनुचित है। ब्रिक्स देशों ने पिछले साल 22 अप्रैल को जम्मू–कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी शब्दों में निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ लड़ने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस घोषणा पत्र को सर्वसम्मति से अपनाया गया। सुपर्णा सैकिया के साथ दीपेंद्र कुमार आकाशवाणी समाचार दिल्ली।
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति षी चिनफिंग ने आज पुष्टि की कि भारत और चीन को अपने संबंधों के लिए रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और मतभेदों को विवाद नहीं बनने देना चाहिए। नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठक में दोनों नेताओं ने पिछले वर्ष अगस्त में तियानचिन बैठक के बाद भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में निरंतर प्रगति का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए सहयोग जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री मोदी ने शिखर सम्मेलन के दौरान इथियोपिया, मलेशिया और वियतनाम के प्रधानमंत्रियों तथा अबू धाबी के युवराज के साथ द्विपक्षीय बैठकें की। श्री मोदी ने सबसे पहले इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. आबी अहमद अली के साथ वार्ता की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से चर्चा की। इसके बाद, श्री मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ वार्ता की। दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा तथा दोनों देशों के लोगों के संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के साथ बैठक में, श्री मोदी ने भागीदार देश के रूप में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में वियतनाम का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान के साथ भी वार्ता की। दोनों नेताओं ने भारत-यू.ए.ई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के महत्व को दोहराया।
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विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने आज ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोद्रीगेस् पारिल्ला से मुलाकात की। सोशल मीडिया पोस्ट में विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच दक्षिण-दक्षिण सहयोग पर सार्थक बातचीत हुई।
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो – सीबीआई ने आज रेड कॉर्नर नोटिस के अंतर्गत गिरफ्तार अमृतपाल सिंह उर्फ गुरपाल सिंह को मोल्दोवा से भारत प्रत्यर्पित कराने में सफलता हासिल की। वांछित भगोड़े को विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और पंजाब पुलिस के समन्वय से वापिस लाया गया। सीबीआई ने बताया कि अमृतपाल पंजाब में दर्ज कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था।
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मौसम विभाग ने गुजरात में कल मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने बताया कि मध्य प्रदेश, पश्चिम मध्य प्रदेश, सौराष्ट्र और कच्छ में भारी बारिश होने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में कल भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने कहा कि बिहार, झारखंड और अंडमान निकोबार में गरज और बिजली की स्थिति बनी रहेगी। दिल्ली में अगले पांच दिनों तक कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। इस बीच, केरलम और माहे में कल गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है।
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अमरीकी ओपन टेनिस टूर्नामेंट के महिला सिंगल्स का फाइनल आज देर रात एलीना रायबाकिना और आर्यना सबालेंका के बीच खेला जाएगा। सेमीफाइनल में एलीना ने कोको गॉफ को वहीं आर्यना ने जेसिका पेगुला को हराया था और पुरूष सिंगल्स का फाइनल बेन शेल्टन और अलक्जेंडर ज्वरेव के बीच खेला जाएगा। सेमीफाइनल में बेन शेल्टन ने फ्रांसेस टियाफो को और अलक्जेंडर ज्वरेव ने करेन खचनोफ को पराजित किया।
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मुख्य समाचार एक बार फिर :-
- ब्रिक्स देशों ने नई दिल्ली घोषणा-पत्र को अपनाया। बहुपक्षवाद को मजबूत करने और व्यापक सहयोग के लिए प्रतिबद्धता की पुष्टि की। घोषणा-पत्र में सदस्य देशों के बीच गहन आर्थिक और विकासात्मक सहयोग का आह्वान। पश्चिम एशिया सहित सभी विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए संवाद और कूटनीतिक प्रयासों का आग्रह।
- भारत ने कहा- घोषणा-पत्र को अपनाया जाना भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के प्रमुख परिणामों में से एक।
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा- निर्णयों और परिणामों के बीच के अंतर को साझेदारी और सामूहिक कार्रवाई के माध्यम से पाटना होगा। कहा- ब्रिक्स सभी को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।
- प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति षी चिनफिंग ने द्विपक्षीय बैठक में रणनीतिक और दीर्घकालिक संबंधों पर बल दिया। कहा- मतभेदों को विवाद नहीं बनने देना चाहिए।
- प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
- केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने रेड कॉर्नर नोटिस के अंतर्गत वांछित अमृतपाल सिंह को मोल्दोवा से भारत प्रत्यर्पित कराया।
- अमरीकी ओपन टेनिस टूर्नामेंट के महिला सिंगल्स फाइनल में देर रात मौजूदा चैंपियन आर्यना सबालेंका का सामना एलिना रिबाकिना से।
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